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लोकोक्तियाँ – हिंदी में निःशुल्क अभ्यास प्रश्न

लोकोक्तियाँ हिंदी व्याकरण का महत्वपूर्ण टॉपिक है, जो SSC, रेलवे, बैंकिंग और अन्य सरकारी परीक्षाओं में पूछा जाता है। यहाँ 58 निःशुल्क अभ्यास प्रश्न हिंदी और अंग्रेज़ी में हैं, सही उत्तर और व्याख्या के साथ, और छोटे रिवीज़न नोट्स भी।

छोटे नोट्स पढ़ेंव्याख्या के साथ अभ्यास10 प्रश्नों की क्विज़समयबद्ध टॉपिक टेस्ट

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लोकोक्तियाँ – उत्तर सहित नमूना प्रश्न

प्र1. लोकोक्ति 'आगे नाथ न पीछे पगहा' का अर्थ क्या है?

  1. कोई ज़िम्मेदारी या बंधन न होना
  2. नकद का थोड़ा भी उधार के अधिक से अच्छा
  3. बलवान का एक प्रहार कमज़ोर के सौ प्रहारों से भारी
  4. मूर्खों में थोड़ा जानने वाला भी श्रेष्ठ माना जाता है
उत्तर: कोई ज़िम्मेदारी या बंधन न होना। 'आगे नाथ न पीछे पगहा' का अर्थ है — कोई ज़िम्मेदारी या बंधन न होना।

प्र2. लोकोक्ति 'सौ सुनार की एक लोहार की' का अर्थ क्या है?

  1. बलवान का एक प्रहार कमज़ोर के सौ प्रहारों से भारी
  2. दोषी ही उल्टा दोष लगाए
  3. आपसी फूट से विनाश होता है
  4. दोषी व्यक्ति स्वयं डरा रहता है
उत्तर: बलवान का एक प्रहार कमज़ोर के सौ प्रहारों से भारी। 'सौ सुनार की एक लोहार की' का अर्थ है — बलवान का एक प्रहार कमज़ोर के सौ प्रहारों से भारी।

प्र3. 'कर्म के अनुसार फल मिलता है' — इस अर्थ के लिए उपयुक्त लोकोक्ति कौन-सी है?

  1. जैसी करनी वैसी भरनी
  2. एक पंथ दो काज
  3. दाल भात में मूसलचंद
  4. अंधों में काना राजा
उत्तर: जैसी करनी वैसी भरनी। 'जैसी करनी वैसी भरनी' का अर्थ है — कर्म के अनुसार फल मिलता है।

प्र4. लोकोक्ति 'जल में रहकर मगर से बैर' का अर्थ क्या है?

  1. ज़बरदस्ती गले पड़ना
  2. आवश्यकता से बहुत कम
  3. कर्म के अनुसार फल मिलता है
  4. आश्रयदाता से शत्रुता करना
उत्तर: आश्रयदाता से शत्रुता करना। 'जल में रहकर मगर से बैर' का अर्थ है — आश्रयदाता से शत्रुता करना।

प्र5. 'दोहरा लाभ' — इस अर्थ के लिए उपयुक्त लोकोक्ति कौन-सी है?

  1. मुँह में राम बगल में छुरी
  2. अधजल गगरी छलकत जाय
  3. आम के आम गुठलियों के दाम
  4. जिसकी लाठी उसकी भैंस
उत्तर: आम के आम गुठलियों के दाम। 'आम के आम गुठलियों के दाम' का अर्थ है — दोहरा लाभ।

प्र6. 'बहुत परिश्रम पर थोड़ा फल' — इस अर्थ के लिए उपयुक्त लोकोक्ति कौन-सी है?

  1. चोर की दाढ़ी में तिनका
  2. जिसकी लाठी उसकी भैंस
  3. खोदा पहाड़ निकली चुहिया
  4. दूर के ढोल सुहावने
उत्तर: खोदा पहाड़ निकली चुहिया। 'खोदा पहाड़ निकली चुहिया' का अर्थ है — बहुत परिश्रम पर थोड़ा फल।

प्र7. लोकोक्ति 'खोदा पहाड़ निकली चुहिया' का अर्थ क्या है?

  1. बहुत परिश्रम पर थोड़ा फल
  2. नकद का थोड़ा भी उधार के अधिक से अच्छा
  3. होनहार के लक्षण बचपन में ही दिख जाते हैं
  4. एक वस्तु के अनेक चाहने वाले
उत्तर: बहुत परिश्रम पर थोड़ा फल। 'खोदा पहाड़ निकली चुहिया' का अर्थ है — बहुत परिश्रम पर थोड़ा फल।

प्र8. 'मूर्ख गुण की कद्र नहीं जानता' — इस अर्थ के लिए उपयुक्त लोकोक्ति कौन-सी है?

  1. बोए पेड़ बबूल के तो आम कहाँ से होय
  2. का बरखा जब कृषि सुखाने
  3. होनहार बिरवान के होत चीकने पात
  4. बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद
उत्तर: बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद। 'बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद' का अर्थ है — मूर्ख गुण की कद्र नहीं जानता।

प्र9. लोकोक्ति 'अपनी गली में कुत्ता भी शेर' का अर्थ क्या है?

  1. कोई ज़िम्मेदारी या बंधन न होना
  2. अपने घर में सब बलवान होते हैं
  3. अवसर बीत जाने पर सहायता व्यर्थ है
  4. प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं
उत्तर: अपने घर में सब बलवान होते हैं। 'अपनी गली में कुत्ता भी शेर' का अर्थ है — अपने घर में सब बलवान होते हैं।

प्र10. 'ज़बरदस्ती गले पड़ना' — इस अर्थ के लिए उपयुक्त लोकोक्ति कौन-सी है?

  1. नौ नकद न तेरह उधार
  2. सौ सुनार की एक लोहार की
  3. होनहार बिरवान के होत चीकने पात
  4. मान न मान मैं तेरा मेहमान
उत्तर: मान न मान मैं तेरा मेहमान। 'मान न मान मैं तेरा मेहमान' का अर्थ है — ज़बरदस्ती गले पड़ना।
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